PoK पर पाकिस्तान की नई साजिश! गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां प्रांत बनाने का प्रस्ताव पास, भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

By Pradeep.Biswas

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गिलगित-बाल्टिस्तान 5वां प्रांत बनाने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को दर्शाता मानचित्र और भारत-पाकिस्तान सीमा का प्रतीकात्मक दृश्य

गिलगित-बाल्टिस्तान 5वां प्रांत को लेकर पाकिस्तान में एक बार फिर नई राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। पाकिस्तान की संसद में गिलगित-बाल्टिस्तान को देश का पांचवां प्रांत बनाने से जुड़ा प्रस्ताव चर्चा में है। इस कदम को लेकर भारत ने पहले भी स्पष्ट किया है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा है तथा पाकिस्तान का इस क्षेत्र पर कोई वैध अधिकार नहीं है।

गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां प्रांत बनाने की तैयारी

पाकिस्तान लंबे समय से गिलगित-बाल्टिस्तान की संवैधानिक स्थिति बदलने की कोशिश करता रहा है। अब सामने आए प्रस्ताव के बाद यह मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया है। यदि यह प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो पाकिस्तान इस क्षेत्र को आधिकारिक रूप से अपना पांचवां प्रांत घोषित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र में प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत दिखाना हो सकता है।

भारत ने पहले भी जताया है विरोध

भारत का रुख इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट है। विदेश मंत्रालय कई बार कह चुका है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा वहां किसी भी तरह का संवैधानिक या प्रशासनिक बदलाव करना पूरी तरह अवैध माना जाता है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने की मांग की है।

स्थानीय लोगों की क्या है राय?

गिलगित-बाल्टिस्तान में रहने वाले लोगों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिलती है। कुछ लोग अधिक राजनीतिक अधिकार और प्रतिनिधित्व की मांग करते हैं, जबकि कई संगठनों का आरोप है कि वहां के नागरिकों को अब भी पूर्ण संवैधानिक अधिकार नहीं मिले हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने भी समय-समय पर इस क्षेत्र में लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई है।

क्या पड़ सकता है असर?

यदि पाकिस्तान इस प्रस्ताव को पूरी तरह लागू करता है, तो भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है। इसके अलावा यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी चर्चा का विषय बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम क्षेत्रीय स्थिरता और भारत-पाक संबंधों पर असर डाल सकते हैं।

गिलगित-बाल्टिस्तान 5वां प्रांत बनाने का प्रस्ताव एक बार फिर PoK को लेकर विवाद को तेज कर रहा है। भारत लगातार इस क्षेत्र पर अपना दावा दोहराता रहा है और पाकिस्तान के किसी भी एकतरफा फैसले का विरोध करता है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

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