गुजरात में एक दिन में इतनी बारिश, जितनी दिल्ली में साल भर में होती है! जानिए क्यों बेकाबू हुआ मॉनसून

By Pradeep.Biswas

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गुजरात में एक दिन में रिकॉर्ड बारिश के बाद जलमग्न सड़कें और बाढ़ का दृश्य

गुजरात में एक दिन में इतनी बारिश दर्ज हुई कि उसने मौसम विशेषज्ञों को भी चौंका दिया। दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में 24 घंटे के भीतर हुई मूसलाधार बारिश ने दिल्ली की पूरे साल की औसत वर्षा के बराबर आंकड़ा छू लिया। सबसे ज्यादा बारिश वलसाड जिले के उमरगाम (Umbergaon) में रिकॉर्ड की गई, जहां सिर्फ एक दिन में 906 मिमी वर्षा दर्ज हुई। तुलना करें तो दिल्ली में पूरे वर्ष की औसत बारिश लगभग 700 से 800 मिमी रहती है।

उमरगाम में टूटा बारिश का रिकॉर्ड

राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, 22 जुलाई सुबह 6 बजे से 23 जुलाई सुबह 6 बजे के बीच उमरगाम में 906 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा कपराडा, नानापोंढा, धरमपुर, पारडी और वापी जैसे इलाकों में भी बेहद भारी वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर 24 घंटे में 400 से 700 मिमी तक बारिश हुई, जिसे मौसम विभाग की भाषा में “अत्यधिक भारी वर्षा” की श्रेणी में रखा जाता है।

आखिर गुजरात में इतनी भारी बारिश क्यों हुई?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून, अरब सागर से लगातार आ रही नमी और पश्चिमी भारत के ऊपर बने मौसमीय सिस्टम ने मिलकर यह स्थिति पैदा की। यही कारण रहा कि एक ही क्षेत्र में कई घंटों तक लगातार तेज बारिश होती रही, जिससे नदियां उफान पर आ गईं और शहरी जल निकासी व्यवस्था भी जवाब दे गई।

बाढ़ जैसे हालात, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया

लगातार बारिश के कारण दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सड़कें जलमग्न हो गईं, रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ तथा निचले इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया। कई जिलों में स्कूलों को भी एहतियातन बंद रखा गया।

IMD ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने गुजरात के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खतरा अभी भी बना हुआ है।

क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान इस तरह की अत्यधिक वर्षा अब पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही है। लगातार एक ही क्षेत्र में भारी बारिश होने से फ्लैश फ्लड का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और समय रहते सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

गुजरात में एक दिन में इतनी बारिश ने यह दिखा दिया कि इस बार मानसून कितना शक्तिशाली साबित हो रहा है। उमरगाम में 24 घंटे के भीतर 906 मिमी बारिश का आंकड़ा न सिर्फ रिकॉर्ड है, बल्कि यह दिल्ली की सालभर की औसत वर्षा से भी अधिक है। ऐसे में प्रभावित इलाकों के लोगों को सावधानी बरतने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की सलाह दी जा रही है।

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