छात्रों पर लाठीचार्ज: राज्यसभा में खड़गे ने उठाया जंतर-मंतर प्रोटेस्ट का मुद्दा, सरकार से मांगा जवाब

By Pradeep.Biswas

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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा राज्यसभा में उठाते मल्लिकार्जुन खड़गे

छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा सोमवार को संसद के मानसून सत्र में जोर-शोर से उठा। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया और उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश की। इस मुद्दे को लेकर सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी रही।

राज्यसभा में क्या बोले मल्लिकार्जुन खड़गे?

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही खड़गे ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे थे, लेकिन उन पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने सरकार से इस कार्रवाई का कारण बताने और पूरे मामले पर चर्चा कराने की मांग की। विपक्षी दलों ने भी इस मांग का समर्थन किया।

जंतर-मंतर पर क्यों हुआ था प्रदर्शन?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा विभिन्न मांगों को लेकर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और संसद मार्ग की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद पुलिस कार्रवाई और हिरासत की खबरें सामने आईं, जिन्हें लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।

विपक्ष ने सरकार पर लगाए ये आरोप

खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का अधिकार है और उनकी आवाज़ को बल प्रयोग से नहीं दबाया जा सकता। विपक्ष का आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सदन में चर्चा की मांग दोहराई।

सरकार की ओर से क्या कहा गया?

संसद में हंगामे के बीच सरकार की ओर से तत्काल विस्तृत बयान नहीं आया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और पुलिस ने स्थिति के अनुसार कार्रवाई की। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और चर्चा होने की संभावना है।

राजनीतिक असर भी बढ़ा

जंतर-मंतर की घटना अब केवल सड़क तक सीमित नहीं रही, बल्कि संसद तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का प्रमुख विषय बन सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मामले पर विस्तृत चर्चा होती है, तो छात्र आंदोलनों और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठ सकते हैं।

छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर उठे विवाद ने संसद की कार्यवाही को भी प्रभावित किया है। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस मामले पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है और क्या छात्रों की मांगों पर कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, मामले को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

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